गुमसुम चेहरे
फैला है सन्नाटा
चेहरे पर दर्द की लकीरे
जैसे पैरों में लगा हो कोई कांटा
भाग रहे इधर-उधर
जीने की ख्वाहिश में
मास्क,सैनेटाईज को संग ले
टूटे हूए सपनों को फिर से
जोड़ने की कोशिश में
कभी डूब जाते अंधेरे में
कभी देख लेते लालटेन की रोशनी में
कभी सेंक लेते हाथ आटे के संग
कभी पी लेते घोलकर पानी में
पिंकी ✍️
@pinkrose0113
