एक औरत को 

कहां हंसने बोलने

की आजादी है,

अगर थोड़ा सा

हंस भी लेती है

दो पल जी भी 

लेती है तो

लांछन लगने

शुरू हो जातें हैं

नये नये #रिश्ते

बनने लग जाते हैं

फिर पड़ते हैं

भिन्न भिन्न नाम

जो सभ्य लोग 

जबान पर भी

नहीं लाना चाहते..


@pinkrose0113


पिंकी ✍️