पिता का प्यार
जैसे ही बस रूकी छन की आवाज आई
इधर उधर देखा पर ऐसा कुछ नजर नहीं आया
पर वो पायलों की आवाज जैसे
बस के हार्न के साथ
अपनी ताल से ताल मिला रहीं थीं
बस कुछ खाली हूई तो आगे वाली सीट पर बैठी
फिर वही आवाज
अब तो सब्र नहीं हो रहा था
केबिन में झांक कर देखा
ओहो पायल की आवाज तो
बस के हैंडल से आ रही थी
आखिर पूछ ही लिया तो
मुस्कान आ गई उस अधेड़ दाढ़ी से भरे चेहरे पर
आहिस्ता से बोला छ: साल की बेटी है मैडम
जिद करती है कि पायल नहीं लाए तो बात नहीं करूंगी
आज मेले गया तो ले आया उसके लिए
और कहते कहते छलक गई उसकी आंखें
आखिर मैं भी मां हूं कैसे छूपते उसके आंसू।
पिंकी ✍️
@pinkrose0113


