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नारी के रूप


कंचन काया कटि कचनार

कोमल भुजाओं पर थामे भार..

चंचल मन चुराए चितचोर

नत नयन‌ करते विभोर...

सादगी सुंदरता सोम्यता

शालीनता की है भरमार...

दुर्गा,काली,लक्ष्मी ,पार्वती

होता इसमें हर देवी का दीदार...

@pinkrose0113

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