मै और तुम
बैठे हो कही दूर एकांत में
जहां सिर्फ हवाओं का शोर हो
चिड़ियों की चहक हो
जुगनूओ की चमक हो
खुला आसमां हो
हरी भरी धरा हो...
तुम मुझे देखो और
मैं तुम्हें देखूं
खामोशी से करें हम
बहुत सी बातें
सांसों की सूने
धड़कनों को समझें
ऐसे कुछ पल
क्यूं न हम चुरा लाए
अपने लिए...
