लॉकडाउन के बाद


कहां इंतजार रहता था गाड़ी का

पतली दाल के संग चार रोटी का

खुद के पेट में डालें या गाय को खिलाएं

हक नहीं था एक रोटी ज्यादा लेने का


लॉकडाउन के बाद


कई दिनों बाद आज चुल्हा जला

घर के आंगन में फिर चिड़ियों का बसेरा हुआ

चूहे भी कई दिनों बाद दिखें

गली के कुत्ते का भी गला तर हुआ


लॉकडाउन के बाद


कौओं को भी भनक मिल गई

गायों की भी बाछें खिल गई

जैसे आया है कोई त्योहार

हवा में जैसे कोई खुशबू फैल गई


लॉकडाउन के बाद



पिंकी ✍️

@pinkrose0113