खेत की मुंडेर पर बैठा दम्पत्ति
देख रहा अपनी पसीने से कमाई सम्पति
बेबस आंखें करती है हाल बयां उनका
घर चलाने के लिए चुगना पड़ता है मोती
दोनो मिलकर खींचते गृहस्थी की गाड़ी
फिर कहां होती जरूरतों की पूर्ति
कभी बिजली का बिल तो कभी बच्चों की फीस
पेट काटते खुद का तब जाकर थोड़ा कुछ जोड़ती
भूखे सो गए पर रब से कोई शिकायत नहीं
दो साड़ी दो कुर्तों में उनकी सालों निकल जाती।
पिंकी ✍️
@pinkrose0113


