गुजरते चले गए ये पल भी
ना वक्त था ना लफ्ज़ ही मिले
जो समेट पाते हमारे जज्बात थे..
रह गए हमारे वो पन्ने खाली
जिन पर लिखने को हम बेताब थे...
खामोश लबों में छुपाकर लफ्जों को
जिम्मेदारियों के बीच छुपाकर खुद को
कोरे पन्नों का कर रहे हम हिसाब थे...!
@pinkrose0113
पिंकी ✍️
