गलत नहीं है ये

कि औरत ही औरत की दुश्मन है

पर ये दुश्मन बनी कैसे

किसी ने सोचा कभी..


एक औरत जब बेटी की मां

बनती है तो उसे डर होता है

उस समाज का जिसमें वो

अपना बचपन जी कर आईं है

पता होता है उस पीड़ा का

जिसे उसने सहन किया है

और हर पल तिल तिल मरी है..


कैसे होने दें वो वैसा सब

चाहती है वो उसे छुपाकर

समाज की गंदी नजरों से

और ऐसा करते करते वो

भुल जाती है कि अनजाने में

वो अपनी बहन बेटी के साथ

अन्याय कर रही है

उसे खुद ही बेड़ियों में जकड़ रही है।


पिंकी ✍️

@pinkrose0113