देश का युवा

जब जब आया संकट धरा पर

तब तब जिम्मा आया युवाओं के कंधों पर..


शूरवीर सूरमा विपत्तियों से कहां घबराते हैं

बांध कफ़न सर पर वो तैयार हो जातें हैं...


नही देखते मुड़कर फिर घर परिवार को

कहां धीरज खोते वो ,विघ्नो को गले लगा

कांटों में राह बनातें है...


कभी सैनिक, कभी सिपाही,

कभी डाक्टर तो कभी समाज सेवक

देश के जागरूक नागरिक का परिचय देते हैं...


चाहे हो पाक, चीन से लड़ाई या

आए कोई सुनामी, कोरोना जैसी महामारी

हर संकट का किया सामना

शूलो को भी फूल बनाते हैं...


नही आहत हुए कभी बाणों से

नही टेके घुटने कभी बैरी के आगे

स्वर क्रांति का फूंककर

मौत को गले लगाते हैं..!!



@pinkrose0113