चन्द्रमा की चंचल किरणेंस्वर्ण सी जब गिरे धरा पर..संकुचित सी बैठी हो कोईओढ़े दुल्हन सुनहरी चुनर फैलाकर..छैल छबीली रास रचीलीजगमगाती जागती जुगनू सी..मनमोहक मनभावन मोहिनीज्योति पूंज की पुलकित दामिनी सी..@pinkrose0113
चन्द्रमा की चंचल किरणेंस्वर्ण सी जब गिरे धरा पर..
संकुचित सी बैठी हो कोईओढ़े दुल्हन सुनहरी चुनर फैलाकर..
छैल छबीली रास रचीलीजगमगाती जागती जुगनू सी..
मनमोहक मनभावन मोहिनीज्योति पूंज की पुलकित दामिनी सी..
@pinkrose0113