भागते रहते हैं उन इच्छाओं के पीछे
जिन से सुकून कभी नहीं मिलता
आज बनाया फिर कल तोड़ दिया
बस इसी जोड़ तोड़ में इंसान लगा रहता
कितना खर्च किया व कितना सहेज लिया
इसी उधेड़बुन में चैन से कहां सो पाता
जीवन भर भागता रहा रिश्तो की तिलांजलि देकर
कोई नहीं होता पास जब अकेलापन सताता
सोचता है धन दौलत की जगह अगर रिश्ते कमाता
होता एक परिवार मेरा भी जो हंसता मुस्कुराता..!!
पिंकी ✍️ @pinkrose0113


