गुमसुम-सी आंखों में एक अरमान लिए फिरते है,कोई हमारा अपना भी होगा,ऐसा एक ख्वाब लिए फिरते हैं,जब भी वो हवा चले मैं खुशबू सी बिखर जाऊं, जब मौसम बेइमान सा लगे,उस बेइमानी में खुद को भूल जाऊं......