
शिव की अपनी अलग बात है,
वो देवता होकर भी बंधू से है,
औरो का नहीं पता,
हमे लगते हमारे सबकुछ से है l
नज़रे खोलो तो , देखो तो
जीवित भी शिव , जीवन भी शिव l
मृत भी शिव , मृत्यु भी शिव l
स्वाश भी शिव , वायु भी शिव l
मंत्र भी शिव , जाप भी शिव l
तंत्र भी शिव, तांत्रिक भी शिव l
जड़ भी शिव , चेतन भी शिव l
कैलाश भी शिव , धरती भी शिव l
नर भी शिव , नारायण भी शिव l
संगरक्षक भी शिव , संहारक भी शिव l
प्रार्थना भी शिव , फल भी शिव l
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