मुझे रोकने तुम रास्ते मे आओगे,

ताकत , बल , जौर अपना लगाओगे,

सपने मेरे न तोड़ पाओगे,

दहकती आग सीने की से न बच पाओगे l

प्रयत्न सारे विफल होंगे तुम्हारे l

तुम पहाड़ लाओगे, मैं मांझी बन जाऊंगा l

तुम रावण लाओगे, मैं राम बन जाऊंगा l

तुम सर्प कीट लाओगे, मैं गरुड़ बन जाऊंगा l

तुम वर्षा लाओगे, मैं सीप बन जाऊंगा l

तुम विष लाओगे, मैं शिव बन जाऊंगा l

तुम अग्नि लाओगे, मैं सीता बन जाऊंगा l

तुम कीचड़ लाओगे, मैं बराह रूप बन जाऊंगा l

तुम अपमान लाओगे, मैं द्रौपदी बन जाऊंगा l

तुम मिथ्या लाओगे, मैं सत्य बन जाऊंगा l

तुम रौंद लोगे,

कुचल लोगे,

हरा भी दोगे शायद मुझे,

बस रोक नहीं पाओगे ,

बस रोक नहीं पाओगे ,

साँस जब तक चलती रहेगी ,

बस मेरी कोशिशों से मुझे रोक नहीं पाओगे l

- पिंकी झा