बिन पँखो के,

हाथ में अपना हुनर ,

और कुछ यन्त्र औजार लिए ,

फ़रिश्तो को जादू करते धरती पर देखा है ,

मैंने डॉक्टर देखा हैं |


परवाह किये बगैरह अपनी,

एक और अपना मानकर सबको ,

मुश्किलों में साथ रहकर बचाते ,

माँ की तरह ध्यान रखते डाटते देखा है,

मैंने डॉक्टर देखा है |


बुरे वक़्त में साथ रहते हरदम,

कभी दिलासे कभी सच कहते ,

सब सुनते मन की सबकी ,

सफ़ेद कोर्ट में भगवान देखा है, 

मैंने डॉक्टर देखा है |

- पिंकी झा