महिला दिवस की शुभ कामनाएँ ,
माँ,बहन,चाची,नानी,दादी और पूरी स्त्री जाति को,
तोफे या कोई अलग व्यवहार नहीं चाहिए ,
कुछ सामानो पर छूट और एक दिन की फ़िक्र भी नहीं चाहिए,
जो सम्मान दर्शाने को इधर-उधर आज व्यग्र हो,
हो रोज़ बस आँखों में मौजूद चाहिए,
लड़की पैदा होने पर बिन झिझकी ख़ुशी चाहिए,
घर से मिली सीखो में अंतर नहीं चाहिए,
घर की ठीक पहचान चाहिए ,
कहने सुनने की आज़ादी चाहिए ,
खुदकी ज़िन्दगी का अधिकार चाहिए ,
मैं स्वयं एक भी सम्पूर्ण हूँ ये सोच चाहिए ,
हक़ मांगकर नहीं हक़ से चाहिए,
सेह लिया सदियों तक अब जो है अपना बिना कुछ कहे चाहिए ,
केवल अन्य से नहीं स्त्री में भी ये सोच स्वीकार चाहिए,
बदलाव अकेले न हुआ है न होगा,
समय और सबका सहयोग चाहिए ,
महिला दिवस की शुभ कामनाएँ |
- पिंकी झा


