हमारे बीच बचा न मुझे अब कुछ लगता है, 

तेरे होने से अब डर लगता है ,

तेरी बातों में न अब कुछ सच लगता है ,

आँखों में प्यार की जगह षड़यंत्र लगता है ,

तेरा होना खुदको खोने का पहला चरण लगता है ,

मेरे साथ होके भी तू कही और लगता है ,

नज़रे मिलाना दिल बहलाना नामुमकिन सा लगता है ,

दिल तोरने के इलज़ाम से बचने को मुझे संग लगता है ,

मेरा तो तू न जाने कबसे नहीं है ,

मैं भी तेरी नहीं रह सकती अब लगता है |

- पिंकी झा