प्यार जाने दिया है क्या तुमने कभी ?

बिना कुछ कहे सुने ,

बिना किसी शिकायत, 

बिना रोकने की कोशिश किये,

बस आजाद छोड़ दिया हो ,

अपने पंख देकर उड़ने को,

क्योकि तुम जानते हो ,

रोकना तुम्हारे बस में नहीं ,

इल्म नहीं तुम्हे बात ये नहीं, 

तकलीफ जो हुई वो भी कम नहीं ,

पर हमेशा सब तुम चाहो वही हो, 

ऐसा कोई अनिवार्य क्रम नहीं ,

अगर ऐसा किया है तुमने ,

तो मोहबत क्या है असल में जानते हो तुम |

- पिंकी झा