मुझसे दूर बहुत हो तुम, आँखों में उतने ही पास होl
ना कानो से सुन रखी है तुम्हारी, मन में सुनी सिर्फ हाँ हैl
रास्ते अलग है हमारे, होते साथ या टकराते तो क्या गुनाह हैl
भुला चुके है तुम्हे, लिख दिया है, सच तो बस मुझे ही पता हैl
- पिंकी झा


मुझसे दूर बहुत हो तुम, आँखों में उतने ही पास होl
ना कानो से सुन रखी है तुम्हारी, मन में सुनी सिर्फ हाँ हैl
रास्ते अलग है हमारे, होते साथ या टकराते तो क्या गुनाह हैl
भुला चुके है तुम्हे, लिख दिया है, सच तो बस मुझे ही पता हैl
- पिंकी झा