दिवाली है आज ,
उत्सव का माहौल है ,
दवार पर रंगोलिया ,
घरो के कोनो पे दिए की रौशनी ,
आस्मां में पटाको फूटते ,
बाहर उनका शोर है ,
पूजा घर में मंत्रो के जाप ,
लक्ष्मी-गणेश से मांगते मोक्ष है ,
मिठाईया थाल भरी ,
खुशियाँ बाटते एक दूजे से लोग है ,
त्यौहार सबके लिए त्यौहार ,
बड़े-छोटे से न कोई भेद है ,
पर पैसो को समझना नहीं कुछ ,
वो भेद करती ही रहे ,
पर खुशियाँ रोक नहीं सकती ,
कुछ दियो, चंद मिठाइयों और
मन में भरे प्यार से मनाई दिवाली ,
और ढेर सारे खर्च पे मनाई दिवाली में
कोई फर्क नहीं ,
त्यौहार तो त्यौहार है ,
बस खुशियों के मनाने और बाटने की बात है |
- पिंकी झा
