तेरे नसीब में चाँद-तारे है
मेरे नसीब में गम सारे है
किसीसे क्या करे शिकायत
हम तो किस्मत के मारे है
हम ऐसे खिलाड़ी है जो
बस जीतते-जीतते हारे है
तुझसे बिछड़ के अब भी
हम तेरी यादों के सहारे है
- पिनाक 'मोढ़ा'


तेरे नसीब में चाँद-तारे है
मेरे नसीब में गम सारे है
किसीसे क्या करे शिकायत
हम तो किस्मत के मारे है
हम ऐसे खिलाड़ी है जो
बस जीतते-जीतते हारे है
तुझसे बिछड़ के अब भी
हम तेरी यादों के सहारे है
- पिनाक 'मोढ़ा'