बहुत से लड़के होंगे जो तेरे हुस्न के दीवाने होंगे
लेकिन उन में से कहाँ कोई मुझ जैसे चाहनेवाले होंगे
मुझे पता है तुझे पाने के वास्ते बहुत से ख़तरे होंगे
हर मोड़ पर मुझे नए-नए तरीके आजमाने होंगे
जिस दिन में जंग हार भी गया उस दिन
मैदान-ऐ-जंग के कुछ इस तरह के नजराने होंगे
मेरे सब साथी मुझे छोड़ के भाग चुके होंगे
और मेरी चारों तरफ सिपाही तुम्हारे होंगे
- पिनाक 'मोढ़ा'

