ना जाने क्यों छोड़ जाते है वो सितारे जिनसे है चमकना सीखा,क्यों हमारे हुनर को यूं अल्फाजों में शामिल करवाया क्यों हमें बेहद प्रिय थे हमें यूं शब्दों में उलझा कर बिना कहे बिना सब कहना सीखा गए,कुछ पल ओर रहना था यूं सितारा बन तो रोशन हमेशा रहोगे हमारे लिए हमारी कलम में हमारे जज्बातों में हमारे अल्फाजों में।


