प्यार का दिन है आज प्यार तुम कर लो
सोलवा बसंत आज याद तुम कर लो
प्यार का दिन है आज प्यार तुम कर लो
माथे पे लगी बिंदिया जैसे, आफ़ताब सी
कजरारे नैनां तेरे जैसे काली बदिरा सी
चलो तो पायल झनके, सितार की धुन सी
चूडयो की खनक से मची, हृदय में हलचल-सी
मन पे मेरे अधिकार तुम कर लो
प्यार का दिन है आज प्यार तुम कर लो
लगती हो रात में, भोर की किरन सी
छूए तो लगो जैसे, कोमल कपास सी
बोलो तो लगे जैसे, किसी लोकगीत सी
खुशबू तो ऐसे जैसे, गुलाब के फूल सी
अपनी जवानी का, सिंगार तुम कर लो
प्यार का दिन है आज, प्यार तुम कर लो
लगती हो तुम मुझे, आज राधिका सी
श्याम की मुरली की, प्यारी गूंज सी
हर्ष मोद आनंद अमृत के ताल सी
देख के तुम्हें लगे, प्रेम की प्यास सी
सोलवा बसंत आज याद तुम कर लो
प्यार का दिन है आज प्यार तुम कर लो