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मेरा विद्रोह


प्रतिपल जलता प्रतिपल बुझता,मन में मेरे प्रतिकार भरा,क्यों ऐसा हुआ विछोह ??

चित्त अशांत हुआ जाता है,बाट कठिन ही जोहहो भी न क्यों मतिभ्रम मेरा,मुझमें तेरा ही मोह,मार ही डालेगा मुझको,हर पल मेरा विद्रोह !!!

'वियोग प्रेम का अवश्यम्भावी अवयव है।'

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