दर्द से रुखसत, सर-ए-आम मिलना चाहिए टूटे हुए दिल का भी कुछ तो दाम मिलना चाहिए कर दिया रुसवा हमें, तो क्या हुआ बे-ईमानी का भी उन्हें ईनाम मिलना चाहिए