रूह की पहचान बाक़ी है अभी साँसों का एहसान बाक़ी है बात दिल में दबी हो तो समझो ईमान बाक़ी है हालात और बिगड़ते ही जायेंगे ठोकर अभी और लगेगी अभी तो जान बाक़ी है