1 min read 794K reads

आशंका


मेरे मन के उपवन में, दर्द से सींचे हुए, तेरे प्रेम और एहसासों के असंख्य कोमल पुष्प आज भी खिले हुए हैं।मेरे साथी तुम ध्यान रखना, कहीं इस बगीचे में आँसुओं की बाढ़ से तेरी यादों की फसलें नष्ट न हो जाएँ।

Read more Earn more Learn more