उसे खबर तो है कि मेरी हालत क्या है, बस ये खबर नहीं कि मोहब्बत क्या है,
धीरे धीरे ही उतरेगी वो भी इस दरिया में,
इस नादान दिल को जाने आफत क्या है,   जाने किस दिन उसे मेरा प्यार मंजूर होगा, जाने किस दिन समझेगी मोहब्बत क्या है,
 
ज़ुल्फ़ खोले तो थे उसने मेरे कहने पर,
पर बात नहीं करती, ये आदत क्या है,
हिन्दू भी बता दें, मुसलमान भी बता दें, वतन से बड़ी कोई और इबादत क्या है,
~~पवन