1 min read 803.8K reads

राजनीति


राजनीतिक पौधा कही भी पनप जाता हैसूखी बंजर धरती पर,किसानों की कब्रो पर,मजदूरो की मजबूरी पर,जाति पर, धर्म पर,

इस पौधे की एक खासियत होती हैये कभी मरता नही हैमरती है सिर्फ जनता,

--रचना-पवन(अंश कहानी: काली स्याही काला ही लिखती है)

Read more Earn more Learn more