मत जोड़ मुझे आधुनिकता से, मुझे गरीब रहने दे।

शौहरत की भुख से अच्छा पेट की भुख, करीब रहने दे

अगर ये पैसा है अवसाद, कत्ल, दिखावा, बेशर्मी की जड़

तो मुझे हमेशा गरीबी का मरीज़ रहने दे।


-✒पवन नागरवाल