आईना जब टूट के बिखरता है उसके हर टुकड़े में टूटा हुआ अक्स दिखता है,
जब बिखरती है ज़िन्दगी तब रास्तों के हर मोड़ ओर दोराहों पे रिश्ते बिखरें दिखते हैं।।


आईना जब टूट के बिखरता है उसके हर टुकड़े में टूटा हुआ अक्स दिखता है,
जब बिखरती है ज़िन्दगी तब रास्तों के हर मोड़ ओर दोराहों पे रिश्ते बिखरें दिखते हैं।।