किसी कि लीखावटो को नकल की
शकल ना दो,
शब्द जरूर एक जेसे है लेकिन
भावनाएँ एक जेसी नहीं.
हा हूँ मैं एक कवि शब्दों से खेलना मेरा काम॥
किसी शकश पे लीखना कविताएँ,
तो कुछ अपने प्रेम के शब्दों से
पीरोई हुईं कविताएँ.
हा हूँ मैं एक कवि शब्दों से खेलना मेरा काम॥
हा हूँ मैं एक कवि शब्दों से खेलना मेरा काम,
उसी खेल- खेल में उन ही शब्दों को कविता
का रूप देना,
कवि हूँ शब्दों को रूप देना मेरा काम.
हा हूँ मैं एक कवि शब्दों से खेलना मेरा काम॥
कया है ये कविता?
दिल की कुछ बातें दुनिया के
सामने रखना,
किसी कि खुबसूरती, तो किसी का दर्द,
किसी खुशी, तो किसी का गम,
हा हूँ मैं एक कवि शब्दों से खेलना मेरा काम॥


