वो चाहे तो बदल दे कायनात सारी,
अबला नही होती कोई नारी !!
शायद क़ोई गुरूर तुझे मानने नही देता,
गर मर्द है पुरूष तो मर्दानी है नारी !!
बाजूओं से ताकत की नुमाइश ना करना,
एक जिस्म को जनने की ताकत रखती है नारी !!
जुनून की ऐसी मिसाल है नारी, जो अपने पर आ जाऐ तो भूल जाए सब यारी,
नाजुक नही थोड़ी कोमल है नारी !!
प्यार दोगे तो खुद को भुला देगी ,
गर नफरत को मजबूर किया तो नामोनिशान मिटा देगी,
शबाब बन फंसाना शमा बन जलाना,
हर एक सवाल का जवाब है नारी !!
कभी देखा है पुरूष ने परीक्षा दी हो, कभी सुना है कोई यम से प्यार मागँ लाया,
ज़रा मुड़कर देख इतिहास की ओर, सीता और साविऋी ने ये भी कर दिखाया !!
जागीर नहीं जिस पर हक जमाया जाए,
अवसर नहीं जिसे पाकर जश्न मनाया जाए,
सच्चाई है चुनौती समझ स्वीकार कर,
महिला के हर रूप का सम्मान कर !!
अगर वो यशोध्दा है, तो वही है काली,
नारी तो बस ममता के आगे है हारी ||
