ये बारिशें जिस तरह रूह पर बरसती हैंनेमते खुदा की बन रही किश्ती हैदरिया ए इश्क़ जो हो रहा गम कदाइश्क ऐसा, उस रब की ही सरपरस्ती है
ये बारिशें जिस तरह रूह पर बरसती हैंनेमते खुदा की बन रही किश्ती है
दरिया ए इश्क़ जो हो रहा गम कदाइश्क ऐसा, उस रब की ही सरपरस्ती है