तू आगे बढ़ते चलना

इन राहों में कुछ मिलेगा कुछ छूटेगा,

हर मोड़ पर एक जंग होगी कुछ की जीत कुछ की हार होगी,

दौड़ना भी होगा गिरना भी होगा,

लेकिन हार मानना तेरी फितरत ना बना,

तू आगे बढ़ते चलना,


आएगी हज़ार परेशानी सामने,

कभी तो कभी कांटे भी

बस माथे पर कभी शिकन ना लाना,

तू आगे बढ़ते चलना,


हर अंधेरी रात के बाद संवेरा भी होगा,

अपने आसमाँ को भरोसे के साथ लिए चलना,

तू आगे बढ़ते चलना


चंद्रप्रताप