लोगो को समझाते समझाते अब थक सा गया हूँ ,
हाँ मैं चुप रहता हु खुद में ही मस्त रहता हूँ ,
अपनी दिक्कते और परेशानियाँ खुद तक ही रखता हूँ ,
इसका मतलब ये नहीं मुझें कोई परेशान नहीं होता हूँ ,
क्यू की मुझे पता है वो एक इंसान जो मुझे समझ सकता है वो मैं खुद ही हूँ ,
लोगो को समझाते समझाते अब थक सा गया हूँ |
हा हमेशा हस्ता रहता हूँ ,
पर इसका मतलब ये नहीं कभी दुःखी नहीं होता हूँ ,
दुःखी तो में भी होता हु ,
बस किसी से उम्मीदें नहीं रखता हूँ ,
क्यू की मुझे पता है वो एक इंसान जीससे में उम्मीदें रख सकता हु वो मैं खुद ही हूँ
लोगो को समझाते समझाते अब थक सा गया हूँ |


