
प्रेम
है निश्छल जो वो प्रेम है।
किसी के लिए समर्पण वो प्रेम है।
प्रिय कोई जो यादों में आए वो प्रेम है।
शब्द जो कानों में रम जाए वो प्रेम है।
प्रेम.......
मरा नहीं कभी जो वो प्रेम है।
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प्रेम
है निश्छल जो वो प्रेम है।
किसी के लिए समर्पण वो प्रेम है।
प्रिय कोई जो यादों में आए वो प्रेम है।
शब्द जो कानों में रम जाए वो प्रेम है।
प्रेम.......
मरा नहीं कभी जो वो प्रेम है।