मुलाकात
आज दिन आखरी है मुलाकात
अब नहीं होगी कोई बात
वो एक दूसरे को सताना
वो मिलने का बहाना
यूं रूठ कर तेरा जाना
आखरी है मुलाकात....
ग़म और खुशियों का बंट जाना
तेरा मुझसे लिपट जाना
हर पल याद आता है तेरा मुस्कुराना
मुहल्ले में होती तेरी मेरी बात
आखरी है मुलाकात....
ताउम्र रहेगा तेरी यादों का साथ
नहीं होगी किसी से अब दिलग्गी की बात
आखरी है मुलाकात.....
