जो दिल तोड़ दोगे,हमें छोड़ दोगे तुम

फिर मैं कभी बाद याद आऊं?

जब मैं मर जाऊंगा ,कोई याद बनकर

तुम्हें तड़प आऊंगा,चैन सारा ले जाऊंगा

कभी दिन ना निकलेगा तो

तो कभी ना ढलेगी श्याम


करोगे इंतजार तुम कब तक हमारा

कोई छोड़ेगा तन्हा कोई करके बेसहारा

खुद खुदा से भी उठेगा यकीन तुम्हारा!

के भटकते रहोगे इन राहों में।

कौन देगा तुम्हें सहारा

तब ले ले के पुकारो गे,

हमें, हमारा ना।