मैं एकलव्य की तृष्णा हूँ
मैं नानक की संतुष्टि हूँ
मैं घोर निराशा के पठार पर
उम्मीदों की वृष्टि हूँ II
मैं हारे को जीवन पराग
भूखे के घर का चावल हूँ
चोटिल पैरों की चप्पल मैं
मैं नैनों का गंगाजल हूँ II
मैं संयम हूँ आतुरता हूँ
हर जननी की सुंदरता हूँ
मेरी निष्ठा पर क्या संशय
मैं नित-दिन मौत से लड़ता हूँ II
मैं ही प्रण हूँ मैं ही रण हूँ
मैं ही परिणाम अमर क्षण हूँ
मैं जन्म में हूँ बलिदान में हूँ
तन-तन में हूँ हर कण में हूँ II
मैं कवच भी हूँ प्रहार भी हूँ
माँ का आँचल संहार भी हूँ
तुम कैसे मुझको जीतोगे
तुम कैसे मुझको जीतोगे
मैं सर्वश्रेष्ठ हथियार भी हूँ II
मैं व्याख्या हूँ सन्दर्भ भी हूँ
सारे स्त्रोतों का गर्भ भी हूँ
मैं खुशियाँ हूँ कोलाहल हूँ
भारत का अप्रतिम पर्व भी हूँ II
मैं पूजा हूँ मैं रोजा हूँ
मैं हर इक माँ का बेटा हूँ
कैसी फांसी कैसे फंदा
कैसी फांसी कैसा फंदा
मैं स्वर्णिम सत्य अनूठा हूँ Ii
मैं राजगुरु, सुखदेव भगत
विक्रम बत्रा पांडेय मनोज
भारत की अमिट निशानी हूँ
बस राष्ट्र-प्रेम वैभव मेरा
मैं हिन्द का एक बलिदानी हूँ II
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