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मतला और शेर


ख़्वाबों को अपने सिर्फ ख़्वाब रहने दो तुमहम ठीक तो है दोस्त गुलाब रहने दो तुम

शौक़ नहीं है अब कुछ भी पढ़ने लिखने काउपहार सोच लो कुछ किताब रहने दो तुम

@पंकज मुरेन्वी

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