तुम्हें याद रखना मेरे लिए
अब बोझल और कष्टदायक
प्रतीत हो रहा है
मेरी उम्र के साथ-साथ
स्मरण शक्ति भी क्षीण
हो रही है
मेरा तन जिंदगी के
आख़री पड़ाव पर है
मैं चाहता हूँ कि मुझसे मिलो,
तुम शायद आखरी बार
मैं तुम्हारे प्रति मेरा प्रेम,यादें
और मेरे द्वारा
विरह में पाला हुआ दुख
साथ रहने को बुनी हुई सारी
कल्पनाएं
सब तुम्हें सौंप देना चाहता हूँ


