
इक़ रिश्ता जिसमें गीली मिट्टी सा मैं था,
कुम्हार सी वो मेरी थी।
खेला मुझे हर खिलौना बनाकर ,
मैंने न की बनने में कभी देरी थ
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इक़ रिश्ता जिसमें गीली मिट्टी सा मैं था,
कुम्हार सी वो मेरी थी।
खेला मुझे हर खिलौना बनाकर ,
मैंने न की बनने में कभी देरी थ