नये रास्ते नयी मंज़िल, कुछ से मिलने की खुशी , कुछ से बिछड़ने का गम।
नया सवेरा और नयापन।
बचपन गया, जवानी का गम। जवानी गई और बुढापे का गम।
क्या कम और क्या गम?
हम तो कठपुतली है ऊपरवाले का, क्या कम और क्या गम।
जीवन जियो हर पल खुशी से , ना तुम्हारा कम और ना मेरा गम , ना मेरा गम और ना तुम्हारा कम।


