प्रकृति की वादियों में,नगर की नगरता से दूर;उन बहती हुई शीतल बयारों में,दिव्यता साँस लेती है!
प्रकृति की वादियों में,
नगर की नगरता से दूर;
उन बहती हुई शीतल बयारों में,
दिव्यता साँस लेती है!