अविखंडन को खंडित कर दूँ मैं गँवार को पंडित कर दूँ !
मनगढ़त इतिहास रचाऊँ सब लोगो को अचंभित कर दूँ !!
अपने मन की तुम्हें सुनाऊँ राजा होकर फ़क़ीर कहाऊँ !
विचार्द्वंद्व सा रोजगार दूँ युवावर्ग अनुरंजित कर दूँ !!
वातानुकूलित तपो योग से जन्मा एक हठयोगी हूँ !
मैं खुदा नहीं हुँ ! खुदा कसम पौंड्रक समान ही ढ़ोंगी हूँ !!
गिन-गिन नाम जपे ना जो भी उसको तुरंत ही दंडित कर दूँ !
अविखंडन को खंडित कर दूँ मैं गँवार को पंडित कर दूँ !!


