दिल-ओ-दिमाग में जो रहती हमेशा ,

वो तस्वीर तुम्हारी है ।

दिन हो या रात हो ,

वसंत, पतझड़ या बरसात हो

नीर रहित मरुस्थल हो या

बर्फ से ढके पहाड़ हो ,

सुरूप, सुंदर यह छवि

प्रकृति से भी प्यारी है ,

दिल-ओ-दिमाग में जो रहती हमेशा ,

वो तस्वीर तुम्हारी है ।

कोयल की मीठी बोली हो

होली की रंगोली हो

रंग भरी इस दुनिया में

अपने रंग मे रंग जाते हम

ऐसी याद हमारी है

दिल-ओ-दिमाग में जो रहती हमेशा ,

वो तस्वीर तुम्हारी है ।