सही कहा था उसने,

"मुझे अपने हर आयाम में शामिल मत करना।

मुझ पर कभी विश्वास मत रखना,

आगे चलकर मुझे दोष मत देना।

मैं तो बस बातें ही करती हूँ,

मेरी बातें, सिर्फ बातें हैं।

इनमें कोई अर्थ मत ढूँढ़ना,

.......................................................

वो सच्चाई में थोड़े ही थी।"

"देखो, मैंने पहले ही कह दिया था,

मुझसे कोई उम्मीद मत रखना,

नुकसान तुम्हारा ही होगा।"

सच कहा था उसने ।।

© पमेश कुमार